

भगवान पार्श्वनाथ मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा 8 फरवरी 26 को
बीकानेर। खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिन मणिप्रभसूरि महाराज ने रविवार को बाड़मेर में चातुर्मास स्थल पर बीकानेर के गंगाशहर में जीर्णोंद्धार के बाद नव निर्मित भगवान पार्श्वनाथ मंदिर की अंजनशलाका प्रतिष्ठा का मुर्हूत 8 फरवरी 2026 का घोषित किया है। ृमुर्हूत को लेने भगवान पार्श्वनाथ जीर्णोंद्धार मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष धनपत सिंह बांठिया के नेतृत्व में श्रावक-श्राविकाओं का दल रविवार को विभिन्न वाहनों व दो बसों में खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिन मणिप्रभ सूरि महाराज से मुर्हूत की विनती करने के लिए बाड़मेर पहुंचे थे।
बांठिया ने बताया कि खरतरगच्छाधिपति जिन मणि प्रभ सूरिजी की प्रेरणा से 180 वर्ष प्राचीन फौजदार बांठिया परिवार की ओर से निर्मित मंदिर पार्श्वनाथ मंदिर का जीर्णोंद्धार कार्य 2022 में शुरू किया गया था । गंगाशहर के गोल मंदिर के नाम से विख्यात भगवान पार्श्वनाथ के जिनालय में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ के साथ वासुपुज्य स्वामी,पदम प्रभु, भगवान आदिनाथ, शांतिनाथ, महावीर स्वामी, गौतम स्वामी, पार्श्वचन्द्र सूरी, शांति गुरुदेव, देवी पदमावती, सरस्वती, चक्रेश्वरी, शिखरजी भोमिया व बटुक भैरव की प्रतिमा लगेगी।
