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जल बचेगा, कल मिलेगा, प्रकृति का वरदान है

जल बचेगा, कल मिलेगा, प्रकृति का वरदान है
बीकानेर। ‘वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत बुधवार को सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा बेसिक पीजी कॉलेज में काव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान बीकानेर की कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जल संरक्षण, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण तथा प्लास्टिक के बहिष्कार का संदेश दिया। श्रीमती मनीषा आर्य स्वामी ने ‘कल-कल छल-छल सलिल तरंग बहे, धरा की कहानी सुनी पानी की जुबानी है’ के माध्यम से जल की महत्ता के बारे में बताया। डॉ. कृष्णा आचार्य ने ‘वंदे गंगा, जल संरक्षण जनहित का अभियान है, जल बचेगा कल मिलेगा, प्रकृति का वरदान है’ के माध्यम से पानी को बचाने का संदेश दिया। वहीं ऋद्धिका आचार्य ने ‘गंगा दशमी के पुण्य दिवस शुरू हुआ अभियान, जल संरक्षण जन आंदोलन बनने को तैयार’ के माध्यम से अभियान की उपयोगिता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कवि-कथाकार श्री राजेंद्र जोशी ने कहा कि काव्य के माध्यम से किसी भी विषय को आसानी से जन-जन के मन तक पहुंचाया जा सकता है। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा किया गया यह नवाचार जल बचत की मुहिम को आमजक तक पहुंचाने में सफल रहेगा।
जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. हरिशंकर आचार्य ने अभियान की रूपरेखा के बारे में बताया। प्राचार्या श्रीमती माधुरी पुरोहित ने आगंतुकों का आभार जताया। इस दौरान विद्यार्थी दर्शन अग्रवाल एवं कृष्णा व्यास ने भी जल संरक्षण से जुड़े विचार रखे।

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