

बच्चों को दिए संस्कार एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश
बीकानेर। करणी इंद्र बाईसा मंदिर में नववैदिक ग्राम प्रोजेक्ट के तहत संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के माध्यम से बालक-बालिकाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण एवं गौसेवा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मंदिर से जुड़े ओम ओझा ने बताया कि शिविर के चतुर्थ दिवस प्रशिक्षक निर्मल बरडिय़ा ने श्लोक एवं दोहों के माध्यम से बच्चों को गौसेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ज्ञानवर्धक संस्कार प्रदान किए। उन्होंने बताया कि मंदिरों में संस्कार निर्माण शिविरों की शुरुआत श्री करणी इंद्र बाईसा मंदिर से की गई है। शिविर में 5 से 15 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को स्वयं, परिवार, समाज, राष्ट्र एवं प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को गीता, रामचरितमानस, नीति श्लोक, प्रेरक कहानियों एवं भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही बच्चों को बीज संग्रह एवं विस्तार, सीड बॉल निर्माण, जल संरक्षण, प्लास्टिक नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, गृह वाटिका निर्माण, पेड़-पौधे लगाने की विधियां, जीव-जगत संरक्षण एवं गौसेवा के सरल सूत्र भी सिखाए जा रहे हैं। शिविर में दायित्व बोध, व्यवस्था कौशल एवं योजना निर्माण जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।सूरज सिंह राजपुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम में पुजारी अरविन्द सेवग, मनोहरलाल खुडिय़ा, भंवरलाल जस्सू, शिव ओझा, दुर्गाप्रसाद सारस्वत, गोपी सुथार, बबलू सोनी, हरिकिशन नाई, राजू सोनी एवं वासुदेव ओझा सहित अनेक कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
