

मांगें नहीं मानी तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन, प्राइवेट स्कूल्स फेडरेशन ने सौंपा ज्ञापन
बीकानेर। प्राइवेट स्कूल्स फेडरेशन ने शिक्षा निदेशक के नाम अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) शैलेन्द्र कुमार देवड़ा को ज्ञापन सौंपकर निजी शिक्षण संस्थानों के प्रति अपनाई जा रही दमनात्मक नीतियों पर कड़ी आपत्ति जताई। फेडरेशन ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। फेडरेशन के प्रतिनिधि गिरिराज खेरीवाल ने कहा कि राजस्थान के निजी विद्यालय राज्य की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक स्वायत्तता को सीमित करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि इससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि निजी विद्यालयों को अपने प्रबंधन एवं वित्तीय संचालन का अधिकार प्राप्त है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। ज्ञापन में सत्र 2018-19 से 2020-21 तक के लंबित आरटीई (RTE) भुगतान को बिना किसी शर्त के तत्काल जारी करने की मांग भी की गई। फेडरेशन ने कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने से निजी विद्यालयों के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस अवसर पर बीकानेर शहर के लगभग 60 से अधिक निजी विद्यालयों के संचालक एवं निदेशक उपस्थित रहे और फेडरेशन की मांगों का समर्थन किया।
