

दक्षिण पश्चिम कमान ने अपना 21वाँ स्थापना दिवस मनाया
जयपुर। सप्त शक्ति कमान की स्थापना के बाद सोमवार को जयपुर में अपना 21वाँ स्थापना दिवस मनाया गया। सप्त शक्ति कमान भारतीय सेना की सातवीं और सबसे युवा कमान है। पिछले 21 वर्षों में सप्त शक्ति कमांड ने सफलता की ऊंचाई को कम करते हुए वेस्टर्न बॉर्डर पर प्लास्टिक सुरक्षा स्थापित की है। ’सर्वदा विजयी भव’ के आदर्श के साथ इस आदेश में केवल देश की सीमा की कोई सुरक्षा नहीं है, बल्कि ऑपरेशनल प्रिपेयर्डनेस और प्रोफेशनल एक्सिलेंस के आदर्श मानक को भी प्राप्त किया गया है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि प्रशिक्षण, नवीन प्रौद्योगिकी को शामिल करना और नवीन तकनीकी एवं सामरिक प्रशिक्षण से विकास संभव हुआ है। मित्रता प्रयास से, यह कमांड भविष्य के युद्धक्षेत्र की झलक से प्रभावशाली रूप में एक फ्यूचर-रेडी, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, लीथल और एजाइल फोर्स के रूप में उभरता है।
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रेरणा स्थल पर अवलोकन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस आयोजन आदेश की मूल भावना में निहित वीरता और निःस्वार्थता का एक मार्मिक स्मरण था।
इस ऐतिहासिक अवसर पर, लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह, सेना कमांडर, सप्त शक्ति कमांड ने सभी रैंकों, पूर्व सैनिकों, कर्मचारियों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने इस गौरवशाली यात्रा में योगदान देने वाले सभी भूतपूर्व और वर्तमान सैनिकों के निस्वार्थ समर्पण, साहस और बलिदान के पुजारी की आज्ञा दी। उन्होंने भारतीय सेना की सबसे युवा कमान को कम समय में विशिष्ट पहचान, गौरवपूर्ण विरासत स्थापित करने और सफलता के शिखर पर अपने अहम योगदान को स्थान दिया।
