

सनातन संस्था की श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजलि गाडगीजी ’ॐ शिव शक्ति ॐ’ पुरस्कार से सम्मानित
बीकानेर। सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परमब्रह्म डॉ. आठवलेजी की एक आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणी और महर्षियों की आज्ञा से देश-विदेश में लाखों किलों की यात्रा करने वाली, भूख-प्यास, धूप-बारिश की धार बिना धर्म का प्रचार करने वाली श्रीचित शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीजी को ’ॐ शिव शक्ति ॐ’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार केरल स्थित ’शिवोहम टेम्पल ऑफ कॉन्शियसनेस ट्रस्ट’ की ओर से प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन महिलाओं को दिया जाता है, जो अपनी आंतरिक शक्ति, दृढ़ निश्चय और दयालुता के माध्यम से मार्गदर्शन करती हैं।
सनातन संस्था के प्रवक्ता चेतन राजहंस ने बताया कि ’सनातन एकल वास्तु रत्न’ के आदर्श ब्रह्मश्री डॉ. सोमनाथ राघवन मास्टर ने यह पुरस्कार प्रदान किया। ’शिवोहम स्पिरिचुअल वेलनेस सेंटर’ के मुख्य चिकित्सक डॉ. ज्योति शमिथ ने प्रमाणित प्रमाण पत्र प्रदान किया और श्रीमती सुधादीनाथ ने शाल उद्योगपति को अपना सम्मान प्रदान किया। यह विश्वास संयुक्त राष्ट्र का ’यू.एन.’ ग्लोबल एसोसिएट्स से संबद्ध और अध्यात्म, संस्कृति, ध्यान एवं योग जैसे विषयों में जागरूकता फैलाई गई है।
पुरस्कार स्वीकृत समय श्रीचित्शक्ति अंजलि गाडगीजी ने कहा, “यह पुरस्कार मुझे नहीं, हमारे गुरुदेव सच्चिदानंद परमब्रह्म डॉ. आठवलेजी को प्राप्त हुआ है। मैं केवल एक माध्यम हूं। गुरुकृपा से ही जीवन में सफलता मिलती है। उनकी ही कृपा से अपना जीवन सात्विक बनता है और संगति होती है। गुरुदेवजी ने मन में यह कहा है कि मनुष्य जीवन का प्रमुख उद्देश्य ईश्वरीय ही है। समाज के कारण अध्यात्म और साधना की ओर।“ मुदा है।“
