

मुमुक्षु मोहक का अभिनन्दन
बीकानेर। मुमुक्षु मोहक बटाला के नन्दन समारोह में मुनि कमलकुमार स्वामी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वैराग्य का अभिशाप उच्च क्षयोक्षम के कारण ही संभव है। राग से वीतरागता की ओर आगे बढ़ने का मार्ग है दीक्षा। मोहक बहुत लोकप्रिय है। अच्छा विचारक है. भौतिकता के इस युग में छोटे वय में जैन भागवत दीक्षा लेना बहुत ही अनुशासन व संकल्पशक्ति का परिचायक है। इस अवसर पर मुनि श्रेयांस कुमार ने गीतिका का गायन किया।
