

जिले के समस्त थोक उर्वरक विक्रेताओं व कंपनी प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित
बीकानेर। खरीफ सीजन के मध्यनजर उर्वरक की सुचारू आपूर्ति व्यवस्था को सुनिश्चित करने को लेकर जिले के समस्त थोक उर्वरक विक्रेताओं व कंपनी प्रतिनिधियों की बैठक सोमवार को कृषि भवन के आत्मा सभागार में आयोजित की गई। बैठक में संयुक्त निदेशक (कृषि) कैलाश चौधरी ने समस्त थोक उर्वरक विक्रेताओं व कंपनी प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि जिले में कृषि आदान विक्रेताओं को यूरिया खरीदने वाले कृषकों के रिकॉर्ड का संधारण करना होगा। इसके लिए अलग से रजिस्टर लगाना होगा। रजिस्टर में खाद करने वाले किसान का नाम, पिता का नाम, चक, गांव, बैग की संख्या, खाद कंपनी का नाम, कृषक का आधार नंबर, मोबाइल नंबर लिखकर संबंधित कृषक के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। यह कदम यूरिया खाद का उपयोग गैर कृषि कार्यों में होने की आशंका के चलते कृषि विभाग द्वारा उठाया गया है। आदान विक्रेताओं को कृषकवार उर्वरक रजिस्टर संधारण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यूरिया खाद का उपयोग गैर कृषि कार्यों में जैसे पशु आहार, प्लाईवुड, प्लास्टिक, रेजिन बनाने वाली फैक्ट्रियों में नहीं होना चाहिए। ऐसा पाये जाने पर वैधानिक नियमानुसार सख़्त कार्यवाही की जाएगी। इसलिए दुकानदारों को खाद विक्रय के संबंध में पूर्ण रिकॉर्ड मेंटेन करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में कृषि अधिकारी रामनिवास गोदारा, सीसीबी सुभाष चौधरी, सहकारिता कैलाश सैनी के साथ-साथ कृषि आदान निर्माता कंपनी, कृभकों से संदीप बिश्नोई, एस.एस. यादव, जगदीश सिंह शेखावत, इफको से एम.आर. जाखड़, चंबल फर्टिलाइजर से सुमित शर्मा, एनएफएल से लखवीर सिंह के साथ-साथ कृषि उर्वरक विक्रेता सुनील कुमार राठी, निर्मल कुमार राखेचा, रमेश कलवानिया, शेषकरण, महीपाल, शीशपाल, लियाकत अली इत्यादि उपस्थित रहे।
