

कवि कथाकार राजेंद्र जोशी के निबंध संग्रह ’शिक्षा और साक्षरता के आयाम’ का हुआ विमोचन, साहित्य से जुड़ा मासिक संवाद करवाएगा विश्वविद्यालय, पांडुलिपियों का होगा डिजिटाइजेशन
बीकानेर। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि एक साहित्यकार का दायित्व है कि वह अपने सृजन में समाज की तात्कालिक तस्वीर प्रस्तुति करे। पाठक के समक्ष समाज के उजले पक्ष रखे और विद्रूपताओं को दूर करने का मार्ग सुझाए।
कुलगुरु दीक्षित शुक्रवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय सभागार में कवि-कथाकार राजेंद्र जोशी के आलेख संग्रह ’शिक्षा और साक्षरता के आयाम’ के विमोचन समारोह के दौरान बोल रहे थे। आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि साहित्य को समाज का दर्पण माना जाता है। आज के दौर में यह अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने आलेख लेखन को अधिक चुनौतीपूर्ण बताया और कहा कि राजेंद्र जोशी इस कसौटी पर खरे उतरे हैं।
पुस्तक के लेखक राजेंद्र जोशी ने कहा कि पुस्तक में सभी आलेखों में सम सामयिकता, तथ्यों और आंकड़ों की प्रमाणिकता को विशेष तरजीह है दी गई है। इनमें साक्षरता, शिक्षा और रोजगार की स्थिति, प्रतियोगी परीक्षाओं में विश्वसनीयता, शिक्षा और खेल, पुस्तकालयों की दशा और दिशा जैसे 30 आलेख संकलित किए गए हैं। इस दौरान चित्रकार योगेंद्र पुरोहित, मनोज आचार्य, रामावतार उपाध्याय, पप्पू सिंह भाटी, नखतूचंद्र सुथार, शुभकरण उपाध्याय, कृपा शर्मा, मोनिका व्यास और दिव्या राजपुरोहित सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
