

शरद संगत में कविता, गीत और गजलों ने बांधा समां
बीकानेर। शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी के बीच गंगाशहर स्थित सेंटर फॉर लाइफ, धर्म सज्जन ट्रस्ट परिसर में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘शरद संगत’ का आयोजन किया गया। इसमें 30 से अधिक रचनाकारों ने कविता, गीत, गजल, शायरी और भजनों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावनाओं और संगीत की विविध रंगों से सजी दुनिया से रूबरू कराया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद रचनाकारों ने अपनी मौलिक एवं लोकप्रिय रचनाओं की प्रस्तुतियां दीं। किसी ने कविता के माध्यम से जीवन के विविध पहलुओं को अभिव्यक्त किया, तो किसी ने गीत और गजलों के जरिए प्रेम, संवेदना और मानवीय भावनाओं को स्वर दिए। शायरी और भजनों की प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया। कार्यक्रम में गायक राजनारायण ने प्रख्यात गीतकार भरत व्यास के प्रसिद्ध गीत ‘तुम गगन के चंद्रमा हो’ की प्रस्तुति देकर संध्या को भावपूर्ण बना दिया। शरद पूर्णिमा की चांदनी के बीच गीत-संगीत और काव्य प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को साहित्य और कला से आत्मीय जुड़ाव का अवसर दिया। ‘शरद संगत’ के संयोजक शशांक शेखर जोशी रहे। कार्यक्रम में सीके बिरला अस्पताल के जितेश नागपाल अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन में शहर के अनेक साहित्यकारों, कलाकारों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। रचनाकारों की प्रस्तुतियों ने साहित्यिक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक संवाद के इस मंच को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में आनंद मस्ताना, गोपाल पुरोहित, अमित गोस्वामी, मनीषा आर्य, संजय आचार्य वरुण, राजाराम स्वर्णकार, गौरीशंकर सोनी, समीर गोयल, दीपेन्द्र सिंह, नमामीशंकर आचार्य, कैलाश टाक, गौरीशंकर प्रजापत, अजय जोशी, राजेंद्र स्वर्णकार और इरशाद अजीज सहित अनेक कलाकारों ने अपनी सहभागिता निभाई।
