

महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी सद्भाव और समानता की प्रेरणा
बीकानेर। महर्षि वाल्मीकि पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने रामायण की रचना कर समाज को सत्य, धर्म और मानवता का मार्ग दिखाया। यह विचार भाजपा नेता महावीर रांका ने महर्षि वाल्मीकि जयंती (प्राकट्य दिवस) के अवसर पर अपने कार्यालय में आयोजित सामाजिक समरसता कार्यक्रम में व्यक्त किए। वाल्मीकि समाज के लोगों को संबोधित करते हुए रांका ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं आज भी समाज को सद्भाव, समानता और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रेरित करती हैं। उनके आदर्शों को आत्मसात कर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत किया जा सकता है। कार्यक्रम संयोजक रमेश भाटी ने बताया कि इस अवसर पर महावीर रांका, शंभु गहलोत, युधिष्ठर सिंह भाटी और शक्ति सिंह शेरुणा ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पहार अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही सेवा कार्यों में योगदान देने वाले वाल्मीकि समाज के लोगों का माला पहनाकर और साफा ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में सुनील जावा, बुलाकी सियोता, रमेश बारासा, सुभाष बारासा, जमादार मोहन जावा और पिंकी कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
