

3 खाद्य प्रतिष्ठानों पर विधिक माप विज्ञान विभाग की कार्रवाई, 44 हजार रुपए जुर्माना लगाया
बीकानेर। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और बाजार में सही तौल एवं माप सुनिश्चित करने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से जिले में औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009, पैकेज कमोडिटी नियम-2011 तथा राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम-2011 के तहत 2 नवंबर से यह अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत विधिक माप विज्ञान अधिकारी दीपक पूनिया के नेतृत्व में विभागीय टीम ने बीकानेर के रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित लालजी फूड्स एवं छप्पन भोग प्रोडक्ट्स तथा नोखा औद्योगिक क्षेत्र स्थित जे जे फूड्स का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पैकेज कमोडिटी नियमों के तहत उत्पादों पर आवश्यक घोषणाओं की जांच की गई। साथ ही प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे कांटों एवं बाटों का परीक्षण किया गया। जांच में लालजी फूड्स के कांटे सत्यापित नहीं पाए गए। छप्पन भोग प्रोडक्ट्स में बाट उपलब्ध नहीं मिले, जबकि जे जे फूड्स में कांटे सत्यापित नहीं होने के साथ पैकर लाइसेंस भी नहीं पाया गया। विभाग ने इन अनियमितताओं पर प्रकरण दर्ज करते हुए तीनों प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की तथा कुल 44 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
बिना सत्यापित कांटे-बांट से उपभोक्ताओं को नुकसान की आशंका
विभागीय जांच में सामने आई अनियमितताएं उपभोक्ताओं के हितों से सीधे जुड़ी हैं। बिना सत्यापित कांटे-बांट का उपयोग करने से मिठाई, नमकीन सहित अन्य वस्तुओं की खरीद के दौरान उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से कम वजन मिलने की आशंका रहती है। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान से बचाना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में भी जिलेभर के प्रतिष्ठानों का नियमित औचक निरीक्षण जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी व्यापारियों से प्रमाणित एवं सत्यापित कांटे-बांट का उपयोग करने और पैकेजिंग से संबंधित सभी वैधानिक नियमों की पालना सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
