

भारत की एमआईसीई इंडस्ट्री एक प्रमुख आर्थिक चालक बनने की राह पर
जयपुर। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के सहयोग से आज 14वें ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार (जीआईटीबी) के अवसर पर जयपुर, राजस्थान में ’मीट इन इंडिया’ कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 300 से अधिक डेलिगेट्स और प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें अंतर्राष्ट्रीयएमआईसीई कंपनियां/ऑपरेटर्स, घरेलू एमआईसीई कंपनियां/प्रोफेशनल कॉन्फ्रेंस ऑर्गेनाइजर, स्पीकर्स, जीआईटीबी के लिए आमंत्रित डप्ब्म् में विशेषज्ञता प्राप्त विदेशी टूर ऑपरेटर, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सचिव, मीडिया, विभिन्न पर्यटन और आतिथ्य संघों के हितधारक, स्थानीय हितधारक (होटल, डीएमसी, एसोसिएशंस, जीआईटीबी, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी, प्रदर्शक आदि) आदि शामिल थे।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कॉन्क्लेव को संबोधित किया और कहा कि भारत का मीटिंग, इन्सेन्टिव्ज, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशंस (डप्ब्म्) उद्योग उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा करने वाला एक प्रमुख आर्थिक चालक बनने के लिए तैयार है।
कॉन्क्लेव में संबोधित करते हुए, श्री शेखावत ने कहा, “भारत का एमआईसीई उद्योग तेजी से एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, जिसे मजबूत आर्थिक विकास, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और मजबूत सरकारी समर्थन से बल मिल रहा है। देश भर के राज्य अपने-अपने अनूठे तरीकों से पर्यटन के अवसरों का लाभ उठा रहे हैं – और अब समय आ गया है कि भारत वैश्विक डप्ब्म् मानचित्र पर अपनी स्थिति मजबूत करे।
