

पत्रकार अगर भाषा से चूके, तो भरोसे से भी चूकेंगे
बीकानेर। पत्रकारिता निःसंदेह एक पेशा है, और इसमें कोई संकोच या शर्म की बात नहीं होनी चाहिए। लेकिन साथ ही उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जैसे हर व्यवसाय में नैतिकता आवश्यक होती है, वैसे ही पत्रकारिता में भी पेशेवर नैतिकता की अनिवार्यता और प्रासंगिकता सबसे अधिक है। यह उद्गार आज डॉ नन्द किशोर आचार्य ने हिन्दी दिवस पर आयोजित “हमारा समय और हिन्दी पत्रकारिता“ पर आयोजित संवाद कार्यक्रम मे कहे।
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर “हमारा समय और हिंदी पत्रकारिता“ विषय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार, कवि, समालोचक और चिंतक डॉ. नंदकिशोर आचार्य ने की, जबकि वरिष्ठ पत्रकार श्री हेम शर्मा मुख्य अतिथि और समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती विभा बंसल विशिष्ट अतिथि रहीं।
