

‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए किया जागरूक
बीकानेर। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, बीछवाल द्वारा गोद लिए गए कतरियासर गांव में कुलपति डॉ. सुमंत व्यास के निर्देशन में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. राजेश कुमार धूड़िया ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा जैविक खाद का अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जैविक खेती अपनाने से मृदा की उर्वरता बनी रहती है और मानव स्वास्थ्य पर रासायनिक पदार्थों के दुष्प्रभावों को भी कम किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान प्रो. राहुल सिंह पाल, डॉ. सुशील खारिया एवं सुरजाराम ने किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खेती को टिकाऊ बनाने के लिए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में धर्माराम, डॉ. रीटा, डॉ. संजय सिंह एवं डॉ. सोनिया मोर का विशेष सहयोग रहा। किसानों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
