Bikaner Bikaner District Rajasthan स्वास्थ्य जागरूकता

मरुस्थलीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य समस्याओं और वन हेल्थ अवधारणा पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

राज आईएपीएसएम कॉन-26 का शुभारंभ, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और सामुदायिक भागीदारी पर हुई चर्चा
बीकानेर। मरुस्थलीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य समस्याओं, मातृ-शिशु देखभाल तथा मानव, पशु एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य को एकीकृत करने वाली वन हेल्थ अवधारणा पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। इसी उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन राज आईएपीएसएम कॉन-26 का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन के पहले दिन आयोजित वैज्ञानिक सत्रों में स्थानीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं को समझने, अनुसंधान को व्यवहार में लाने तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई। वार्षिक सम्मेलन की थीम ‘सीमाओं के पार जनस्वास्थ्य का एकीकरण’ रखी गई है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. पंकज भारद्वाज तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. वी. एल. व्यास रहे। डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि सम्मेलन में विशेषज्ञों के अनुभवों और नवीन शोध पर हुए विमर्श से जनस्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण आधार मिला है। ऐसे आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने तथा शोध के निष्कर्षों को व्यावहारिक स्तर पर लागू करने में सहायक होते हैं। डॉ. रेखा आचार्य ने कहा कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य, मरुस्थलीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य समस्याओं और वन हेल्थ अवधारणा पर आयोजित सत्र स्थानीय स्वास्थ्य जरूरतों को समझने की दृष्टि से उपयोगी रहे। उन्होंने इन विषयों पर विशेषज्ञों के बीच हुए विचार-विमर्श को जनस्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

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