

शिक्षा गर्भाधान से प्रारंभ होकर वृद्धावस्था तक चलती है
बीकानेर। पुनरुत्थान विद्यापीठ शिक्षा के तीन केंद्र मानता है, विद्यालय/गुरुकुल, कुटुम्ब तथा लोक हेतु मंदिर अतः विद्यापीठ आजीवन शिक्षा तथा सर्वत्र शिक्षा पर विचार करता है। यह उद्बोधन जयनारायण व्यास नगर स्थित आदर्श विद्या मन्दिर में पुनरुत्थान विद्यापीठ बीकानेर केंद्र द्वारा आयोजित होली स्नेह मिलन कार्यक्रम में विद्यापीठ के सह संयोजक मधुसूदन व्यास ने कहे। व्यास ने कहा कि शिक्षा गर्भाधान से पूर्व से प्रारंभ होकर वृद्धावस्था तक चलती है। आज समाज में शिक्षा को खंड-खंड में बांटा गया है परंतु जीवन एक चक्रीय व्यवस्था है। अतः शिक्षा को पुनरुत्थान विद्यापीठ द्वारा प्रतिपादित समग्र विकास प्रतिमान पर केंद्रित करना होगा।
संचालक डॉ ममता शर्मा पारीक ने विद्यापीठ के बीकानेर केंद्र की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बीकानेर केंद्र में सप्ताह में चार दिन ज्ञान सागर के ग्रंथ जीवन विकास के सूत्र का पठन किया जाता है। डॉ. नंदकिशोर सोनी ने बताया कि शिक्षा ही एकमात्र साधन है जिससे पुनः भारतीय समाज व्यवस्था को स्थापित किया सकता है।
