

ज्योतिष प्रशिक्षण शिविर के समापन पर प्रशस्ति पत्र वितरण
बीकानेर। करमीसर मार्ग पर धीरज नगर में स्थित मां सरस्वती वेद आश्रम और राजस्थान संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे 21 दिवसीय ज्योतिष प्रशिक्षण शिविर का समापन बुधवार को हुआ। संस्था के प्रवक्ता राकेश कुमार बिस्सा ने बताया कि शिविर में 25 विद्यार्थियों ने ज्योतिष का ज्ञान प्राप्त किया। अतिथि के रूप में भैरव गिरी मठ के अधिष्ठाता इंदिरानंद गिरी थे। उन्होंने ने कहा कि वेद के छह अंग शिक्षा, कल्प , निरुक्त, व्याकरण ,छंद,ओर ज्योतिष है, इन अंगों में प्रधान नेत्र रूप अंग ज्योतिष हैं जैसे प्राणी मात्र के काम नेत्र के बिना नहीं हो सकते हैं वैसे ही वेद संबंधी यज्ञ क्रिया कल्प तथा स्मृति संबंधी जातक कर्म विवाह आदि संस्कार ज्योतिष के बिना नहीं हो सकते पंडित गोविंद किराडू ने विद्यार्थियों को पंचांग देखने तथा जन्मपत्री देखने का प्रारंभिक ज्ञान कराया पंडित उमेश किराडू, हरि गोपाल बोहरा, बंशीलाल चौधरी, लोकेश मिश्रा, मुरली पुरोहित सुरेश किराड़ू, मनोहर पुरोहित ने आए हुए सभी महानुभावों का स्वागत किया।
