

बच्चे सीख रहे गीता पाठ
बीकानेर। बच्चों में संस्कारों का संचार हो और गीता का संदेश घर-घर पहुंचे इसी उद्देश्य से विगत तीन वर्षों से गीता पाठ अध्ययन व अभ्यास का प्रशिक्षण करवाया जा रहा है। यह उद्गार उदयरामसर स्थित मुरलीमनोहर धोरा पर श्री श्यामसुंदरदासजी महाराज ने व्यक्त किए। श्री श्यामसुंदरदासजी महाराज ने बताया कि परम श्रद्धेय श्रीरामसुखदासजी महाराज की इस तपोस्थली पर एकादशी के विशेष अवसर पर गीता के सम्पूर्ण अध्यायों का वाचन किया गया। कार्यक्रम में वृंदावन के श्री नवलरामजी महाराज का सान्निध्य रहा।
9 अध्याय कण्ठस्थ होने पर सिल्वर मेडल और 18 अध्याय याद होने पर पुरस्कार में साइकिल अथवा नगद राशि प्रदान की जाती है। इसके बाद गीता माधुर्य याद करने पर विष्णु भगवान का बड़ा विग्रह उपहार स्वरूप दिया जाता है।
