

चातुर्मासिक प्रवेश 4 जुलाई को
बीकानेर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिन मणिप्रभ सूरीश्वर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती तीन मुनियों व दो साध्वियों का संबोधि चातुर्मास का प्रवेश 4 जुलाई शुक्रवार को होगा। बीकानेर मूल की साध्वी दीपमाला श्रीजी व शंख निधि श्रीजी चातुर्मास के लिए बीकानेर पहुंच गई है। मुनिवृंद के पद विहार करते हुए 1 या 2 जुलाई को बीकानेर पहुंचने का कार्यक्रम है।
श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के सान्निध्य में अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद बीकानेर शाखा की ओर से होने वाले चातुर्मास की तैयारियां परवान पर है। चातुर्मास की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए आवास, भोजनशाला, पंडाल व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, विहार सेवा आदि की विभिन्न समितियां बनाई गई है। चातुर्मास के सभी कार्यक्रम धनराजजी ढढ्ढा की कोटड़ी में होगे। वहीं साध्वीवृंद का प्रवास रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में तथा मुनिवृंद का डागा-सेठिया-पारख मोहल्ला के महावीर भवन में रहेगा।
अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद बीकानेर शाखा (के.यू.प.) के अध्यक्ष अनिल सुराणा ने बताया कि गणिवर्य पद से विभूषित मेहुल प्रभ सागर म.सा., मुनि मंथनप्रभ सागर म.सा. व बाल मुनि मीत प्रभ सागर जी व साध्वी श्री हेम प्रभा श्रीजी की शिष्या व आर्यावर्या कल्पलताश्रीजी की निश्रावर्तिनी बीकानेर मूल की साध्वीश्री दीपमाला श्रीजी, मुंबई की शंख निधि श्रीजी का चातुर्मास होगा।
