प्रकृति और कविता का संबंध अत्यंत घनिष्ठ है
कैया करे हवा रौ रूख समझ लेवै बो मिनख… बीकानेर प्रज्ञालय संस्थान एवं राजस्थानी युवा लेखक संघ द्वारा अपनी मासिक साहित्यिक नवाचार के तहत प्रकृति पर केन्द्रित ‘काव्य रंगत-शब्द संगत‘ की दसवीं कड़ी लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन सदन नत्थूसर गेट बाहर संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि प्रकृति
