


बीकानेर। ‘बसंत पंचमी का त्योहार ज्ञान, विद्या और कला के महत्व को दर्शाता है‘ यह उद्गार द मुद्रा क्सलोज में आयोजित बंसतोत्सव कार्यक्रम में शिक्षाविद़ शुभम व्यास ने कही। व्यास ने कहा कि आज के दिन लोग देवी सरस्वती की पूजा करते हैं और उनसे ज्ञान, बुद्धि और कला का आशीर्वाद मांगते हैं। यह त्योहार छात्रों, शिक्षकों, कलाकारों और संगीतकारों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
पावनी व्यास ने कहा कि बसंत पंचमी के दिन कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं. लोग गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से वसंत ऋतु का स्वागत करते हैं. यह त्योहार प्रकृति के सौंदर्य और जीवन के उत्सव का प्रतीक है।
इस अवसर विभिन्नि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें रंगोली और पोस्टर प्रति. में छात्रों ने अपनी भागीदारी निभाई। ने भाटों के बास में स्थित द मुद्रा क्सासेज में बसंत पचंमी के पावन पर्व पर मां सरस्वती के पूर्जा अर्चना कर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इस मौके पर अंजली आचार्य, कुसुम सोलंकी, अर्पिता सुथार, चांदनी चूरा, मानसी चूरा आदि उपस्थित थे।
