

लज्जाभंग मामले में आरोपी को 3 साल की सजा
बीकानेर। अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (महिला उत्पीड़न) एवं पीठासीन अधिकारी राजेश कुमार गजरा ने वर्ष 2016 के दुष्कर्म के प्रयास एवं लज्जाभंग के मामले में आरोपी अहसान उर्फ आमिर खान को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला प्रकरण संख्या 144/2016 एवं गंगाशहर थाने की एफआईआर संख्या 121/2016 में सुनाया गया। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 एवं 354क के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 376/511 (दुष्कर्म के प्रयास) के आरोप से संबंधित निर्णय भी न्यायालय ने प्रकरण के साक्ष्यों के आधार पर दिया। अभियोजन अधिकारी राजपाल सिंह एवं परिवादी पक्ष के अधिवक्ता कौशल सांखला ने बताया कि 26 मई 2016 की रात परिवादिनी अपने चार बच्चों के साथ घर पर सो रही थी, जबकि उसका पति मजदूरी के सिलसिले में गांव से बाहर गया हुआ था। आरोप है कि देर रात आरोपी घर में घुस आया और परिवादिनी के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने परिवादिनी का मुंह कपड़े से दबाने की कोशिश की। शोर मचाने पर बच्चे जाग गए और आरोपी का चेहरा खुलने पर उसकी पहचान अहसान उर्फ आमिर खान के रूप में हुई। हल्ला होने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चार गवाहों के बयान दर्ज कराए तथा छह दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता कौशल सांखला ने आठ न्यायिक दृष्टांतों का हवाला देते हुए आरोपी को दोषसिद्ध करने का आग्रह किया। प्रकरण की पैरवी लोक अभियोजक राजपाल सिंह एवं परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता कौशल सांखला ने की।
