

मीरा और मोहन साझा साहित्य संकलन का लोकार्पण, भक्ति और प्रेम की रचनाओं ने मोहा मन
बीकानेर/जोधपुर। साझा साहित्य संकलन ‘मीरा और मोहन’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी परमानंद केसानी ने पुस्तक को भक्ति, शक्ति और विचारों का पुंज बताते हुए कहा कि इसमें शामिल रचनाएं पाठकों को मीरा और मोहन के सच्चे प्रेम का दर्शन कराती हैं। उन्होंने कहा कि मोहन को पाने के लिए जहर का प्याला भी पीना पड़ता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी पवन कुमार जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में पढ़ने की आदत कम होती जा रही है। युवा पीढ़ी को शब्दों के संस्कार और स्वाध्याय पर विशेष ध्यान देना चाहिए। निरूपा पटवा ने कहा कि जब कोई कार्य आरंभ किया जाता है, तो प्रकृति भी उसकी परीक्षा लेती है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् डॉ. अरविंद कुमार पुरोहित थे। साझा साहित्य संकलन की प्रधान संपादक नीलम व्यास ‘स्वयंसिद्धा’, सह-संपादक राखी पुरोहित तथा संरक्षक एनडी निम्बावत ‘सागर’ हैं। कार्यक्रम का संचालन आनंद प्रकाश कल्ला ने किया। इस अवसर पर सुमनेश व्यास, दिलीप केसानी, हर्षद सिंह भाटी, राजेश भेरवानी, प्रमोद वैष्णव, गोवर्धन सुथर, अशफाक अहमद फौजदार, पंकज बिंदास, चरणजीत सिंह छाबड़ा, योगेश लोहिया, केवलचंद कोठारी, जुगल किशोर सारस्वत, बसंती पंवार, सुधा गर्ग, डॉ. छगनराज राव, डॉ. दीपा परिहार, श्याम गुप्ता ‘शान्त’, असरार आहिल, चंद्रशेखर और कमल शर्मा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
