

अणुव्रत जीवन को सही दिशा देने वाली आचरण पद्धति
बीकानेर। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में आयोजित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के सप्तम दिवस को अणुव्रत समिति की ओर से जीवन विज्ञान दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में अणुव्रत समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के साथ विद्यालय के शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ करणीडान रांका द्वारा मंगलाचरण से हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. अर्पिता गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अणुव्रत केवल कुछ शब्दों, नियमों या संकल्पों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली आचरण की पद्धति है। सुरेंद्र डागा ने कहा कि जीवन में सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने से नहीं मिलती। अच्छे संस्कार, व्यवहार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को वास्तविक रूप से सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर कन्हैयालाल बोथरा, सहमंत्री मनोज छाजेड़, राजेंद्र नाहटा, हेमराज गुलगुलिया, ताराचंद गुलगुलिया, पुखराज दुगड़, धरमचंद सोनी, बछराज गुलगुलिया, दिलीप सिरोहिया, आशीष गर्ग, डालचंद बुच्चा, नवरतन रांका सहित समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
