Bikaner Bikaner District Jaipur Rajasthan स्वास्थ्य जागरूकता

आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों और उपचार पद्धतियों पर हुआ सार्थक मंथन, बीकानेर के युवा चिकित्सकों ने जीते कई पुरस्कार

एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के राजस्थान चैप्टर का वार्षिक सम्मेलन संपन्न
बीकानेर। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया, राजस्थान चैप्टर के वार्षिक सम्मेलन का रविवार को ज्ञान, शोध और आधुनिक शल्य चिकित्सा की नई संभावनाओं पर सार्थक मंथन के साथ समापन हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ सर्जन्स, विशेषज्ञों एवं युवा चिकित्सकों ने आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों, जटिल रोगों के उपचार तथा सर्जरी के बदलते स्वरूप पर अपने अनुभव साझा किए। सम्मेलन का आयोजन सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज एवं पीबीएम अस्पताल, बीकानेर के सर्जरी विभाग तथा बीकानेर सर्जन्स सोसायटी के सहयोग से किया गया। सम्मेलन के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के युवा चिकित्सकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पुरस्कार अपने नाम किए। प्रतिस्पर्धात्मक ई-पोस्टर प्रस्तुति में एसपी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के डॉ. प्रतीक मंगल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एमएएमसी अग्रोहा, हिसार की डॉ. दिव्यांशी द्वितीय तथा एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर की डॉ. कीर्ति तृतीय स्थान पर रहीं। एक अन्य प्रतियोगिता में डॉ. अदिति काजला ने प्रथम स्थान हासिल किया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर के डॉ. प्रतीक देव दूसरे तथा एसपी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के डॉ. प्रतीक मंगल तीसरे स्थान पर रहे। स्नातकोत्तर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में एसपी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के डॉ. आकाश एवं डॉ. माधुर्या की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया। जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर की डॉ. मुस्कान एवं डॉ. शुभांगी की टीम दूसरे तथा एम्स जोधपुर के डॉ. आयुष पचौरी एवं डॉ. प्रशांत सत्यागिरी की टीम तीसरे स्थान पर रही।समापन दिवस के वैज्ञानिक सत्रों में नसों के आधुनिक उपचार, आपात स्थिति में इन्ग्वाइनल हर्निया, संयोगवश सामने आने वाले पित्ताशय के कैंसर तथा इन्ग्वाइनल हर्निया में रोबोटिक सर्जरी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग, जटिल मामलों के उपचार तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।

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