

साहित्यकार निर्मल कुमार शर्मा की दो कृतियों का लोकार्पण
बीकानेर। पारायण फाउंडेशन के तत्वावधान में साहित्यकार निर्मल कुमार शर्मा की दो कृतियों ‘चंद्र-सविता’ और ‘जद बोल्यौ निट्टू’ का लोकार्पण पवनपुरी स्थित सामुदायिक भवन में किया गया। गायत्री प्रकाशन से प्रकाशित इन दोनों कृतियों का लोकार्पण लालेश्वर महादेव मंदिर मठ के अधिष्ठाता विमर्शानंद गिरिजी, साहित्यकार मधु आचार्य, डॉ. मदन सैनी एवं सत्यदीप ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विमर्शानंद महाराज ने कहा कि कालजयी कविता वही होती है, जिसकी संवेदना सूक्ष्म होती है। साहित्यकार मधु आचार्य ने कहा कि निर्मल शर्मा करुणा के कवि हैं। डॉ. मदन सैनी ने कहा कि सर्वोत्तम भावों की सर्वोत्तम अभिव्यक्ति ही कविता है और यही कविता की पहली तथा आखिरी शर्त है। इस अवसर पर अनुवादक सत्यदीप, निर्मल शर्मा, संजय आचार्य एवं आर.के. शर्मा, हरीश बी. शर्मा ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने दोनों कृतियों की साहित्यिक विशेषताओं और रचनात्मक सरोकारों पर चर्चा की। कार्यक्रम में मालचंद तिवाड़ी, कमल रंगा, सुलक्षणा दत्ता राजवंशी, डॉ. चंचला पाठक, गायत्री शर्मा, संगीता शर्मा, विनीता शर्मा, डॉ. ओम कुवेरा, जितेंद्र निशात, राजाराम स्वर्णकार, दयानंद शर्मा, विपिन पुरोहित, अमित गोस्वामी, रवि शुक्ल, नमामीशंकर आचार्य, जियाउल हसन कादरी, असद अली असद, कासिम बीकानेरी, शिवराज भारतीय, गिरिराज पारीक, रामेश्वर साधक, शिव दाधीच, मनमोहन शर्मा, नितिन वत्सस, अविनाश आचार्य, गौरीशंकर आचार्य, किसन व्यास, एसके नाथ, बाबूलाल छंगाणी, चंद्रशेखर शर्मा सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
