

पर्यटन जीवन और संस्कृति से गहराई से जुड़ा क्षेत्र
बीकानेर। राजस्थान साहित्य चेतना मंच की ओर से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर डॉ. शंकरलाल स्वामी की यात्रा वृत्तांत पुस्तक ‘धर्मक्षेत्रे-कर्मक्षेत्रे’ पर पुस्तक चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नरसिंह बिनानी ने की। इस अवसर पर जुगल किशोर पुरोहित एवं उमाशंकर बागड़ी उपस्थित रहे। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. नरसिंह बिनानी ने कहा कि हमारे देश में पर्यटन का अत्यंत व्यापक महत्व है। पर्यटन परिवार, समाज और राष्ट्र के साथ-साथ साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक दृष्टि से भी उपयोगी है। वर्तमान में पर्यटन उद्योग को आर्थिक विकास को गति देने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। डॉ. शंकरलाल स्वामी ने कहा कि पर्यटन मनुष्य के जीवन का अभिन्न अंग है। मनुष्य में विभिन्न स्थानों को जानने और देखने की लालसा सदैव बनी रहती है। डॉ. जगदीश दान बारहठ ने कहा कि पर्यटन का हमारे जीवन से गहरा संबंध है और यह व्यक्ति को विभिन्न स्थानों, संस्कृतियों एवं परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम है। कार्यक्रम में भानेश्वर स्वामी, सुनीता देवी, अहमदाबाद प्रवासी विशाल, कोमल स्वामी, वैभव, दिनेश वैष्णव, राधा स्वामी, खुशी वैष्णव, दिव्या कुमारी सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
