

साधुमार्गी जैन महिला समिति का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘स्वर्णकुंभ’ शुरू
बीकानेर। अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन महिला समिति का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘स्वर्णकुंभ’ शनिवार को छबीली घाटी स्थित सेवा सदन में शुरू हुआ। सम्मेलन में राजस्थान सहित देश के विभिन्न प्रदेशों से साधुमार्गी श्राविकाएं भाग ले रही हैं। प्रीति डागा ने बताया कि चारित्र आत्माओं ने अपने संदेश में कहा कि श्राविकाएं धर्म और संस्कृति की संवाहक हैं। मंगल पाठ के बाद सम्मेलन का पहला सत्र साध्वी अक्षिता श्रीजी एवं धीरज मुनि म.सा. के सान्निध्य में आयोजित हुआ। सत्र में नीतू मुहणोत एवं संघ की पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री, दिल्ली की स्नेहलता कोठारी ने साधु-साध्वियों को गोचरी बहराने (देने) के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। वहीं रींकू कोठारी एवं ललिता बांठिया ने ‘भाषा विवेक’ विषय पर लघु नाटिका प्रस्तुत की। नाटिका के माध्यम से चारित्र आत्माओं के दर्शन एवं वंदन के दौरान भाषा और शब्दों का विवेकपूर्ण उपयोग करने का संदेश दिया गया।
