

शाला दर्पण की तकनीकी समस्याओं पर शिक्षक संघ ने जताई चिंता, सर्वर क्षमता बढ़ाने की मांग
बीकानेर। राजस्थान के विद्यालयों में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों के प्रमुख माध्यम बने शाला दर्पण पोर्टल में बार-बार आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने शिक्षा विभाग से पोर्टल की तकनीकी व्यवस्था को मजबूत कर इसे निर्बाध एवं तेज गति से संचालित करने की मांग की है। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता यतीश वर्मा ने बताया कि इस संबंध में प्रदेशाध्यक्ष बन्नाराम चौधरी ने शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर समस्याओं से अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रोफाइल, आधारभूत सुविधाओं का विवरण, विद्यार्थियों का प्रवेश एवं नामांकन, उपस्थिति, टीसी, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति, बोर्ड परीक्षा संबंधी कार्य, शिक्षकों की सेवा संबंधी प्रविष्टियां, अवकाश, स्थानांतरण, पदस्थापन, स्वीकृत एवं रिक्त पदों का प्रबंधन, सरकारी योजनाओं का संचालन, रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग सहित विद्यालयों के लगभग सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे हैं। बन्नाराम चौधरी, धर्मेंद्र गहलोत, नीरज शर्मा एवं सुभाष आचार्य ने कहा कि जब विद्यालयों का इतना बड़ा प्रशासनिक एवं शैक्षणिक तंत्र एक ही पोर्टल पर निर्भर है, ऐसे में पोर्टल का बार-बार धीमा होना, हैंग होना अथवा बंद हो जाना गंभीर समस्या है। इससे विद्यालयों के नियमित कार्य प्रभावित होते हैं और शिक्षकों को आवश्यक ऑनलाइन प्रविष्टियां एवं विभागीय कार्य समय पर पूरा करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। आनंद पारीक ने शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा से मांग की कि शाला दर्पण पोर्टल की सर्वर क्षमता तत्काल बढ़ाई जाए। साथ ही तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नियमित तकनीकी मेंटेनेंस की व्यवस्था करने तथा पोर्टल को निर्बाध एवं तेज गति से संचालित करने के लिए स्थायी तकनीकी समाधान सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने कहा कि पोर्टल की कार्यक्षमता में सुधार होने से विद्यालयों के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगे।
