

परमात्मा के दर्शन को जीवन में उतारने का भाव रखें
बीकानेर। रांगड़ी चौक स्थित पौषधशाला में चल रही प्रवचन सभा में साध्वी प्रीतिसुधा महाराजसा ने कहा कि अनंतकाल के बाद परमात्मा के दर्शन मिलना अत्यंत दुर्लभ एवं आनंददायी अवसर है। उन्होंने कहा कि परमात्मा के दर्शन केवल औपचारिकता बनकर न रहें, बल्कि उनके गुणों को अपने जीवन में उतारने का भाव होना चाहिए। साध्वीश्री ने प्रतिमा, अष्टमंगल, गणेश एवं गौतम स्वामी की प्रतिमाओं के माध्यम से जैन धर्म की विभिन्न परंपराओं एवं उनके आध्यात्मिक महत्व का स्मरण कराया। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक आयोजनों एवं दर्शन के माध्यम से आत्मचिंतन करते हुए जीवन को सद्गुणों से जोड़ने का आह्वान किया। सुरेंद्र ने बताया कि 6 सितंबर को आमिल (अमला) का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया।
