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309 नगरीय निकायों में चुनाव कार्यक्रम घोषित, 9 और 11 सितंबर को मतदान

309 नगरीय निकायों में चुनाव कार्यक्रम घोषित, 9 और 11 सितंबर को मतदान
बीकानेर/जयपुर। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। ‘एक राज्य, एक चुनाव’ के तहत होने वाले चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगरपालिकाएं शामिल हैं।
सदस्य पदों के लिए लोक सूचना 27 अगस्त को जारी होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त, संवीक्षा 1 सितंबर और अभ्यर्थिता वापसी की अंतिम तिथि 3 सितंबर निर्धारित की गई है। चुनाव चिन्ह 4 सितंबर को आवंटित किए जाएंगे। सदस्य पदों के लिए पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। दोनों चरणों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।
अध्यक्ष पदों के लिए लोक सूचना 15 सितंबर को जारी होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 16 सितंबर, संवीक्षा 17 सितंबर और अभ्यर्थिता वापसी की अंतिम तिथि 18 सितंबर होगी। अध्यक्ष पद के लिए मतदान 21 सितंबर को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगा और मतदान समाप्त होते ही मतगणना की जाएगी। उपाध्यक्ष पद का निर्वाचन 22 सितंबर को होगा। आवश्यकता पड़ने पर दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा।
1.44 करोड़ से अधिक मतदाता
इन चुनावों में 309 नगरीय निकायों के 1,44,03,853 मतदाता मतदान करेंगे। इनमें 73,98,415 पुरुष, 70,04,927 महिला और 511 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। नगर निगम जयपुर में सर्वाधिक 24,20,839 मतदाता हैं, जबकि नगरपालिका इन्द्रगढ़ में सबसे कम 4,744 मतदाता हैं।
वर्ष 2019 में 196 नगरीय निकायों में 1,13,19,864 मतदाता थे। वर्ष 2026 में नगरीय निकायों की संख्या बढ़कर 309 होने के साथ मतदाताओं की संख्या में 27.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
10,245 वार्ड और 16,465 मतदान केन्द्र
नए परिसीमन के बाद वर्ष 2026 में वार्डों की संख्या बढ़कर 10,245 हो गई है। वर्ष 2019 में 7,500 वार्ड थे। इसी तरह मतदान केन्द्रों की संख्या 10,153 से बढ़कर 16,465 हो गई है। वार्डों में 36.6 प्रतिशत और मतदान केन्द्रों में 62.16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
ईवीएम से होगा मतदान
नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे। अलवर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर और कोटा जिलों में भारत निर्वाचन आयोग की एम-3 मॉडल ईवीएम का उपयोग होगा। शेष 36 जिलों में राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के स्वामित्व वाली मल्टी पोस्ट सिंगल वोट/मल्टी पोस्ट मल्टी वोट मॉडल की मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
पहचान के लिए 11 वैकल्पिक दस्तावेज
मतदान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके उपलब्ध न होने पर आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, फोटोयुक्त बैंक या डाकघर पासबुक, आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, सरकारी सेवा पहचान पत्र, सांसद एवं विधायक को जारी सरकारी पहचान पत्र तथा यूडीआईडी कार्ड में से कोई एक मूल दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकेगा। ये दस्तावेज नगरपालिका चुनाव की घोषणा से पहले जारी किए गए होने चाहिए।
1.15 लाख से अधिक कार्मिक और करीब 99 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात
दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए मतदान, मतगणना एवं अन्य चुनावी कार्यों में करीब 1,15,255 कार्मिक लगाए जाएंगे। वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 98,790 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में आवश्यकतानुसार पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
चुनाव खर्च की सीमा निर्धारित
आयोग ने चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के लिए खर्च की अधिकतम सीमा निर्धारित की है। नगर निगम पार्षद अधिकतम 3.50 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षद 2.50 लाख रुपये और नगरपालिका सदस्य 1.50 लाख रुपये तक चुनाव खर्च कर सकेंगे। खर्च का विवरण परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी को देना होगा।
चुनाव प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर के लिए सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति आवश्यक होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। प्रचार वाहनों के लिए भी निर्धारित सीमा के अनुसार लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
संतान संबंधी प्रावधान हटाए गए
राजस्थान राजपत्र में 25 मार्च 2026 को प्रकाशित अधिसूचना के माध्यम से राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 में संशोधन कर नगरीय निकाय चुनावों के लिए संतान संबंधी प्रावधान हटा दिए गए हैं।
आदर्श आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक यह प्रभावी रहेगी। आचार संहिता लागू होने से पहले जारी कार्यादेश या पहले से चल रहे विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे, जबकि नई योजनाओं, नए विकास कार्यों और नए कार्यादेश पर रोक रहेगी। आयोग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर 24 घंटे, सातों दिन चुनाव नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए जाएंगे। दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केन्द्रों पर विशेष सुविधाओं के साथ आवश्यकतानुसार बूथ तक लाने और मतदान के बाद वापस छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों, मतदाताओं एवं मीडिया से शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने में सहयोग की अपील की है। आयोग ने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है।

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