

50 से अधिक बालक-बालिकाओं व श्रावक-श्राविकाओं ने निभाई पात्रता
बीकानेर। जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ की साध्वी मुक्तांजनाश्री आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में सुगन महाराज का उपासरा ट्रस्ट के तत्वावधान में कुशल भवन में जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर प्रभु नेमिनाथ के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर संगीतमय नाटक का मंचन किया गया। नाटक में 50 से अधिक बालक-बालिकाओं तथा श्रावक-श्राविकाओं ने विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाई। श्राविका ट्विंकल नाहटा ने प्रभु भक्ति के गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां दीं। नाटक में प्रभु नेमिनाथ की माता शिवादेवी एवं पिता राजा समुद्र विजय की भूमिका निभाने का लाभ सुश्रावक ज्ञानचंद सेठिया एवं सुश्राविका सुमन देवी सेठिया ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में प्रभु नेमिनाथ के जीवन प्रसंगों को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि नेमिनाथ यादव कुल में जन्मे भगवान श्रीकृष्ण के चचेरे भाई थे। विवाह के अवसर पर बारात में वध के लिए लाए गए पशुओं की करुण चीत्कार सुनकर उनका मन द्रवित हो गया। उन्होंने उसी समय संसार का त्याग कर संयम अर्थात दीक्षा ग्रहण करने का निर्णय लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ प्रभु नेमिनाथ के जन्म कल्याणक महोत्सव में भाग लिया।
