

दुर्लभ पांडुलिपियों और ‘राजस्थान भारती’ के प्राचीन अंकों में झलकी राजस्थान की समृद्ध विरासत
बीकानेर। सादूल राजस्थानी रिसर्च इन्स्टीट्यूट के तत्वावधान में आजादी की वर्षगांठ के अवसर पर राजकीय संग्रहालय परिसर स्थित संस्था के सभागार में प्राचीन पांडुलिपियों तथा ‘राजस्थान भारती’ के दुर्लभ एवं प्राचीन अंकों की दो दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में राजस्थान की साहित्यिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों को आमजन के अवलोकन के लिए प्रदर्शित किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने की। मुख्य अतिथि संग्रहालयाध्यक्ष राकेश शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार रहे। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए प्राचीन साहित्यिक सामग्री के संरक्षण को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। इस अवसर पर वरिष्ठ समीक्षक अशफाक कादरी ने प्राचीन ग्रंथों एवं पांडुलिपियों पर पत्र-वाचन करते हुए इनके ऐतिहासिक और साहित्यिक महत्व पर प्रकाश डाला। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शनी दो दिनों तक जारी रहेगी, जिसमें आमजन भी राजस्थान की इस दुर्लभ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक धरोहर का अवलोकन कर सकेंगे। आयोजन का उद्देश्य प्राचीन साहित्यिक सामग्री के संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ नई पीढ़ी को राजस्थान की समृद्ध ज्ञान एवं साहित्य परंपरा से परिचित कराना है।
