

श्रद्धापूर्वक मनाया गया महावीर मुनि का वर्धापना समारोह
बीकानेर। तुलसी साधना केन्द्र में आचार्य महाश्रमण की सुशिष्या साध्वी मंजुप्रभा के सान्निध्य में महावीर मुनि का वर्धापना समारोह श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गुरु परम्परा, आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों पर आधारित प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। साध्वी मंजुप्रभा ने अपने प्रवचन में कहा कि आचार्य अष्टसंपदाओं से युक्त होते हैं और नवयुवराज प्रवर भी इन दिव्य गुणों से संपन्न हैं। उन्होंने गुरु के मार्गदर्शन में जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया। साध्वी गुरु यशा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परम्परा सदैव गौरवशाली रही है, जिसने समाज को ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों की अमूल्य धरोहर प्रदान की है। साध्वी जयंत प्रभा ने प्रेरक कविता के माध्यम से उपस्थितजनों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “अभी तो पर खुले हैं, लंबी उड़ान बाकी है। अभी तो चांद-सितारों को ही मापा है, अनंत आसमान बाकी है।” इस अवसर पर सुरपत बोथरा, पारस छाजेड़, सुंदरलाल झाबक, इंद्रचंद सेठिया, सुरेश बैद, लीला देवी कोठारी, प्रेम देवी नौलखा एवं रेणु बोथरा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
