

राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, बार एसोसिएशन ने राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
बीकानेर। बार एसोसिएशन, बीकानेर ने राजस्थान की मातृभाषा राजस्थानी को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि ज्ञापन में राजस्थान विधानसभा के 11वें कार्यकाल के 11वें एवं अंतिम सत्र में सर्वसम्मति से पारित उस शासकीय संकल्प का उल्लेख किया गया है, जिसमें राजस्थानी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की अनुशंसा भारत सरकार को भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस ऐतिहासिक प्रस्ताव के बावजूद आज तक राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता नहीं मिल पाई है। ज्ञापन में कहा गया कि राजस्थानी केवल एक बोली नहीं, बल्कि समृद्ध साहित्य, लोक संस्कृति, इतिहास और करोड़ों लोगों की भावनाओं एवं अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। इसलिए इसे भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर संवैधानिक मान्यता प्रदान की जानी चाहिए। बार एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार राजस्थानी भाषा के महत्व को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी और उसे उसका उचित संवैधानिक सम्मान प्राप्त होगा।
