

चौमासा प्रवचन में तप की महिमा का वर्णन
बीकानेर। रांगड़ी चौक स्थित तपागच्छीय पौषधशाला में चल रहे चौमासा प्रवचन के दूसरे दिन साध्वी प्रीतिसुधा महाराज सा ने भगवान महावीर के जीवन, जैन धर्म की मर्यादाओं और तप की महिमा पर विस्तृत प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि सभी तीर्थंकर करुणा के सागर हैं, लेकिन भगवान महावीर का जीवन अनेक विशिष्टताओं से परिपूर्ण है। उनके गर्भकल्याणक से ही शुभ एवं चमत्कारिक घटनाओं का आरंभ हो गया था, जो उनके दिव्य व्यक्तित्व और महान जीवन की महत्ता को दर्शाता है। प्रवचन के दौरान साध्वीश्री ने श्रद्धालुओं से भगवान महावीर के आदर्शों को जीवन में अपनाने, जैन धर्म की मर्यादाओं का पालन करने तथा तप, संयम और अहिंसा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रवचन का लाभ उठाया।
