

जन शिक्षण संस्थान में जिला स्तरीय संदर्भ व्यक्ति कार्यक्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण सम्पन्न
बीकानेर। जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर द्वारा आयोजित जिला स्तरीय संदर्भ व्यक्ति कार्यक्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष गिरिराज मोहता ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनमें दी गई जानकारियों और आवश्यक सुधारों को संदर्भ व्यक्ति अपने कार्यव्यवहार में अपनाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रयास की सफलता उसके परिणामों से आंकी जाती है और कौशल विकास कार्यक्रमों की सफलता भी तभी मानी जाएगी, जब प्रशिक्षार्थी कौशल अर्जित करने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। मोहता ने कहा कि संदर्भ व्यक्तियों का दायित्व केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाना है, ताकि कौशल विकास का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. ब्रजरतन जोशी ने कहा कि संदर्भ व्यक्ति एक साथ ज्ञान, ज्ञाता और ज्ञेय तीनों की भूमिका निभाता है। इसलिए समय की मांग के अनुरूप अपने ज्ञान और कार्यकुशलता को निरंतर परिष्कृत करते रहना आवश्यक है। राजीव हर्ष ने कहा कि जन शिक्षण संस्थान के संदर्भ व्यक्ति समाज के उन वर्गों तक कौशल विकास की रोशनी पहुंचा रहे हैं, जो विकास की मुख्यधारा से वंचित रहे हैं। उनका यह कार्य न केवल व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि देश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। संस्थान के निदेशक ओमप्रकाश सुथार ने बताया कि संस्थान की लाइवलीहुड सेल के माध्यम से प्रशिक्षार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के विभिन्न तकनीकी सत्रों में राजीविका के जिला प्रबंधक मणिशंकर हर्ष ने स्वयं सहायता समूहों के गठन, उनके संचालन तथा विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी देते हुए महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं लीड बैंक कार्यालय के शिवशंकर बोड़ा ने वित्तीय प्रबंधन, बैंकिंग सेवाओं तथा विभिन्न ऋण एवं बचत योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम अधिकारी महेश उपाध्याय ने प्रशिक्षण का समन्वयन करते हुए आदर्श एवं आनंददायी प्रशिक्षण केंद्र, सफलता की कहानियों के प्रभावी प्रस्तुतीकरण सहित विभिन्न विषयों पर सत्रों का संचालन किया। सहायक कार्यक्रम अधिकारी तलत रियाज एवं उमाशंकर आचार्य ने फेस ऑथराइजिंग अटेंडेंस तथा प्रशिक्षण केंद्र संचालन से संबंधित दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। वहीं लेखाकार लक्ष्मीनारायण चूरा ने सहायक शिक्षण सामग्री एवं कच्चे माल के प्रभावी और सार्थक उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित संदर्भ व्यक्तियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं सुझावों को अपने कार्यक्षेत्र में लागू कर कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।
