

माचिस की डिब्बियों का संग्रह बना पहचान
बीकानेर। सातवीं कक्षा की छात्रा स्वरूपा अपने अनोखे शौक के चलते चर्चा में हैं। उन्होंने विभिन्न डिजाइनों की माचिस की डिब्बियों का आकर्षक संग्रह तैयार किया है, जिसकी प्रेरणा उन्हें अपने पिता किशन लाल सोनी से मिली। उनके पिता स्वयं भी संग्रहकर्ता हैं। स्वरूपा बताती हैं कि परिवार और परिचित जब भी किसी नए शहर या देश की यात्रा पर जाते हैं, तो वहां से अलग-अलग डिजाइनों की माचिस की डिब्बियां उनके लिए लेकर आते हैं। इसी तरह उनका संग्रह लगातार समृद्ध होता गया। पढ़ाई के साथ-साथ स्वरूपा अपने इस शौक को भी पूरा समय देती हैं। उनका सपना है कि उनके इस अनूठे संग्रह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले और यह संग्रह लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए।
