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बेटा छिन गया, अब इकलौते आशियाने को बचाने की जंग, न्याय की आस में भटकते वृद्ध पिता बेहोश

बेटा छिन गया, अब इकलौते आशियाने को बचाने की जंग, न्याय की आस में भटकते वृद्ध पिता बेहोश
बीकानेर/हनुमानगढ़। इकलौते बेटे की असमय मौत के बाद न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रहे 78 वर्षीय घिचर सिंह की पीड़ा शुक्रवार को उस समय और अधिक मार्मिक हो गई, जब जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन देने जाते समय वे भीषण गर्मी के कारण हनुमानगढ़ जंक्शन बस स्टैंड पर चक्कर खाकर बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई। इसके बाद उनकी पत्नी हरपाल कौर ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर संख्या 324/2026 की जांच किसी अन्य अधिकारी से करवाने की मांग की।
ज्ञापन में घिचर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस थाना हनुमानगढ़ जंक्शन में दर्ज एफआईआर संख्या 324/2026 की जांच वर्तमान में सुरेशिया चौकी प्रभारी के पास है। उनका आरोप है कि जांच अधिकारी उनसे तीन लाख रुपये की मांग कर रहा है और रुपये नहीं देने पर मामले में एफआर लगाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें एक चाय की दुकान पर बुलाकर कहा गया कि यदि तय समय तक राशि नहीं दी गई तो प्रकरण को झूठा मानते हुए एफआर प्रस्तुत कर दी जाएगी। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दूसरी पक्ष की ओर से भी कथित रूप से एफआर लगवाने के लिए राशि देने की बात कही गई।
घिचर सिंह ने बताया कि उन्होंने 30 जून 2026 को भी जांच बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं रह गई है और उन्हें आशंका है कि प्रभाव में आकर प्रकरण का निष्पादन किया जा सकता है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके इकलौते बेटे कुलदीप सिंह का निधन हो चुका है। बेटे की मौत के बाद वृद्ध दंपती पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं। परिवार के अनुसार, वर्ष 2010 में बेटे का अपनी पत्नी से तलाक हो चुका था, लेकिन अब वही तलाकशुदा महिला अपने पूर्व पति के स्वर्गलोक गमन के बाद वृद्ध दंपती के इकलौते आशियाने पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि जिस घर को उन्होंने जीवनभर की मेहनत से बनाया, आज उसी को बचाने के लिए उन्हें न्यायालयों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
वृद्ध दंपती ने कहा कि बेटे के जाने के बाद उनके पास कोई सहारा नहीं बचा। आर्थिक और मानसिक रूप से वे पूरी तरह टूट चुके हैं। बावजूद इसके, न्याय की उम्मीद में लगातार अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा रहे हैं। शुक्रवार को भी वे इसी उम्मीद के साथ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय जा रहे थे, लेकिन तेज धूप और गर्मी के कारण रास्ते में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़े।
हरपाल कौर ने जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि वर्तमान जांच अधिकारी को तत्काल हटाकर किसी निष्पक्ष एवं ईमानदार पुलिस अधिकारी को जांच सौंपी जाए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि वर्तमान जांच अधिकारी को आगे किसी प्रकार की अनुसंधानात्मक कार्रवाई से रोका जाए।

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