

29 नियमों की पट्टिका का हुआ अनावरण
बीकानेर। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में महापुरुषों के सम्मान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए परीक्षा भवन का नामकरण ‘गुरु जम्भेश्वर भवन’ किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित ने गुरु जम्भेश्वरजी के चित्र, उनके संक्षिप्त जीवन परिचय तथा उनके 29 नियमों की पट्टिका का अनावरण किया। कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि गुरु जम्भेश्वरजी ने विश्व को पर्यावरण संरक्षण, जीव दया और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की अद्वितीय राह दिखाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण एवं जैव विविधता के संरक्षण के लिए उनके सिद्धांत पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गुरु जम्भेश्वरजी का उपदेश स्थल, निर्वाण स्थल और समाधि स्थल तीनों ही बीकानेर जिले में स्थित हैं, जो जिले के लिए गौरव का विषय है। इस अवसर पर विनोद जम्भदास ने इस पहल के लिए कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में इस प्रकार के नवाचार विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और महापुरुषों के जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। रामावतार शर्मा ने कहा कि गुरु जम्भेश्वरजी किसी एक समाज या पंथ के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के पथप्रदर्शक थे। उनके द्वारा प्रतिपादित 29 नियम आज भी प्रत्येक व्यक्ति को सरल, अनुशासित एवं सदाचारपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में जाम्भाणी साहित्य अकादमी की ओर से कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित का साफा पहनाकर एवं लोई ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
