

भागवत कथा मानव जीवन को बनाती है सार्थक
बीकानेर। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्री आदि गणेश भक्त मंडल के तत्वावधान में दाऊजी रोड स्थित श्री आदि गणेश मंदिर में सोमवार से सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा रस का श्रवण किया। कथावाचक पं. सुनील व्यास ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मृत्यु के सत्य को जान लेने से मनुष्य के मन से मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। जिस प्रकार राजा परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय पद प्राप्त किया, उसी प्रकार भागवत कथा जीव को निर्भय और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत परमात्मा का अक्षर स्वरूप तथा परमहंसों की संहिता है, जो मानव हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। पं. व्यास ने कहा कि अधिक मास में भागवत कथा का श्रवण अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह कथा भगवान के प्रति अनुराग और भक्ति उत्पन्न करती है। श्रीमद्भागवत वेदों और उपनिषदों का साररूपी फल है तथा इसका अमृत स्वरूप ज्ञान देवताओं के लिए भी दुर्लभ बताया गया है। भागवत भक्ति के महत्व का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है। यदि मनुष्य जन्म प्राप्त कर भी ईश्वर भक्ति नहीं करता, तो उसका जीवन व्यर्थ माना जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दो बातें अत्यंत दुर्लभ हैं—मानव शरीर और सच्ची भक्ति। कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा ही मानव और पितरों का उद्धार करने वाली है। कथा के दौरान भजन गायक रामसा व्यास ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य यजमान जयनारायण बिस्सा एवं प्रभा बिस्सा ने पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ कराया। इस अवसर पर एडवोकेट अविनाश चंद्र व्यास, विष्णु नारायण बिस्सा, विजय श्रीमाली, देवजी सोनी, राजकुमार खंडेलवाल, नूतन व्यास, प्रेमलता व्यास, हर्षित बिस्सा और जयंत व्यास सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने कथावाचक पं. सुनील व्यास का तिलक एवं अभिनंदन कर श्रीमद्भागवत की आरती में भाग लिया।
