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सीमा प्रहरियों के साहस को नमन, देश की सुरक्षा में बीएसएफ की भूमिका अहम

सीमा प्रहरियों के साहस को नमन, देश की सुरक्षा में बीएसएफ की भूमिका अहम
बीकानेर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सीमा प्रहरी अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस, कर्तव्यपरायणता और सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ राष्ट्र की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। तेज बारिश, भीषण गर्मी, घने जंगलों और बर्फीली चोटियों जैसी विषम परिस्थितियों में भी बीएसएफ के जवान पूरी मुस्तैदी से देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं।
वे मंगलवार को Bikaner स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की सांचू पोस्ट पर आयोजित प्रहरी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर Bhajan Lal Sharma भी मौजूद रहे। अमित शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ जवानों ने सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों का मनोबल बनाए रखने के साथ पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार बीएसएफ को आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करेगी।
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सीमा सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव हुए हैं। सेना और बीएसएफ का आधुनिकीकरण किया गया है तथा आतंकवाद और घुसपैठ के खिलाफ सख्त नीति अपनाई गई है। उन्होंने बीएसएफ के दो हजार से अधिक शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि देश को उनके बलिदान पर गर्व है। उन्होंने बताया कि सीमाओं पर वर्ष 2019 से बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसके तहत अब तक जवानों द्वारा 7 करोड़ 35 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। आने वाले समय में यह अभियान जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित होगा।
बेटियां निभा रही हैं सीमा सुरक्षा में अहम भूमिका
अमित शाह ने कहा कि आज देश की बेटियां सीमा सुरक्षा में बेटों से दो कदम आगे बढ़कर कार्य कर रही हैं। केंद्र सरकार वर्ष 2030 तक महिला जवानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राजस्थान की बीएसएफ चौकियों पर महिलाओं के लिए 40 करोड़ रुपये की लागत से 79 बैरकों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जिनमें से 67 बैरकों का कार्य पूरा हो चुका है।
सांचू पोस्ट का गौरवशाली इतिहास
गृह मंत्री ने सांचू पोस्ट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने इस पोस्ट पर कब्जे का प्रयास किया था, लेकिन भारतीय जवानों ने बहादुरी से मुकाबला कर उसे खदेड़ दिया। उन्होंने कहा कि सांचू पोस्ट भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
सीमापार गतिविधियों पर रखें पैनी नजर
उन्होंने बीएसएफ जवानों से कहा कि वे पारंपरिक सुरक्षा ड्यूटी के साथ सीमापार अतिक्रमण, स्मगलिंग और घुसपैठ जैसी गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखें। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 1096 किलोमीटर लंबी लिटरल रोड और 520 किलोमीटर लंबी एक्ससीएल रोड बनाई जा रही है, जिससे जवानों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर नई डिजाइन की फेंसिंग की जा रही है और 180 चौकियों तक पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जा चुका है। साथ ही ड्रोन रोधी संयंत्र लगाने की प्रक्रिया भी अगले छह माह में शुरू कर दी जाएगी।

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