

मरुधरा की शान बीकाणा
शहर बीकाणा, शहर बीकाणा
माँ करणी रो धाम बीकाणा।
कोडमदेसर रो धाम बीकाणा,
चन्दा उडे ओ शहर बीकाणा।
बायं काट-बायं काट करै बीकाणा
खावै खीचड़ो, पीवें इमलानी,
अलमस्त सदा है शहर बीकाणा,
गढ़ में बीकौं, शहर में कीको।।
दाऊजी मंदिर और दो पीरां रौ
सदा सुरंगौ है शहर है बीकाणा
लालगढ़ और जूनागढ़ रौ
मान सवायों राखें शहर बीकाणा
महाराजा गंगासिंह जी रों शहर बीकाणा
आखातीज स्थापना रै शहर बीकाणा
वाह, बीकाणा, वाह बीकाणा
कविता का उचित शीर्षक बनाकर दें
– सुरेश नारायण पुरोहित
अधिवक्ता, बीकानेर
