Bikaner Bikaner District Rajasthan साहित्य एवं कला

कार्यशाला का आयोजन

कार्यशाला का आयोजन
बीकानेर। चंदा, साफा-पाग हमारी पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है और इसे संजोए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। बीकानेर की इस समृद्ध कला धरोहर से युवा पीढ़ी को जोड़कर नवाचार की दिशा में प्रेरित करना आवश्यक है। ये उद्गार साहित्यकार कमल रंगा ने व्यक्त किए। वे राजस्थानी साफा-पाग पगड़ी एवं कला संस्थान और थार विरासत द्वारा नगर स्थापना के 538वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय ‘उछब थरपणा’ के तहत आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। विशिष्ट अतिथि डॉ. राकेश किराडू ने कहा कि बीकानेर कला जगत में हमेशा से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसी कार्यशालाएं युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। मोना सरदार डूडी ने कहा कि युवा पीढ़ी, विशेष रूप से बालिकाओं में परंपरागत कला के प्रति बढ़ती रुचि एक सकारात्मक संकेत है। उद्घाटन समारोह में राजेश रंगा, गोपी किशन छंगाणी, गौरीशंकर व्यास, धर्मेन्द्र छंगाणी, भवानी सिंह राठौड़, नवनीत व्यास, मनमोहन पालीवाल, अशोक शर्मा, मरूधरा बोहरा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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