

वन्य जीवों के बचाव की तकनीक पर तीन दिवसीय कार्यशाला आरंभ
बीकानेर। राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के वन्य जीव अध्ययन एवं प्रबंधन केन्द्र द्वारा “वन्य जीवों के बचाव और विवाद निवारण“ विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। डॉ. सुमंत व्यास ने कहा की वर्तमान समय में शहरों और आसपास के क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। संदीप छलानी ने वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान आने वाली जमीनी स्तर की चुनौतियों और वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में केंद्र के मुख्य अन्वेषक डॉ. जे.पी. कच्छावा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पशु चिकित्सा अधिकारियों को वन्यजीवों के रेस्क्यू एवं पुनर्वास से संबंधित बुनियादी तकनीकों का प्रशिक्षण देना जा रहा है, जिससे वे क्षेत्र स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन में केंद्र के सह-अन्वेषक डॉ. एल.एन. सांखला तथा टीचिंग एसोसिएट डॉ. स्पर्श दुबे और डॉ. प्रियंका राठौड़ का भी सहयोग रहा।
