

बाजोट का लोकार्पण हुआ
बीकानेर। कहानी जीवन को संस्कारित करती है। वह समाज के निर्माण में अपनी भूमिका प्रत्यक्ष निभाती है। उसे किसी भी वाद या विमर्श में नहीं बांधा जाना चाहिए। ये विचार साहित्यकार एवं रंगकर्मी मधु आचार्य जिला उद्योग संघ के सभागार में व्यक्त किए। वे कवि, नाटककार हरीश बी. शर्मा के राजस्थानी से अनूदित कहानी संग्रह बाजोट के लोकार्पण के अवसर पर कहानी के विमर्श कार्यक्रम कहानी का कहन में बोल रहे थे। परिसंवाद में राजाराम स्वर्णकार, डॉ. रेणुका व्यास डॉ. गौरीशंकर प्रजापत, इरशाद अज़ीज़, मनीषा आर्य सोनी, विप्लव व्यास, श्रीमती ऋतु शर्मा, रामसहाय हर्ष, व्यास योगेश राजस्थानी एवं आनन्द मस्ताना ने कहानियों के शिल्प, कथ्य और कथा वस्तु के साथ ही वर्तमान जीवन में कथा साहित्य की उपादेयता पर सार्थक संवाद किया।
