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आजीवन अधिगम और एक स्वास्थ्य पुस्तक का हुआ लोकार्पण

भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में ’वन हेल्थ’ दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण
बीकानेर-दिल्ली। भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ नई दिल्ली के तत्वावधान वरिष्ठ शिक्षाविद-साहित्यकार राजेन्द्र जोशी द्वारा सम्पादित पुस्तक
’आजीवन अधिगम और एक स्वास्थ्य’ ( दृष्टि और सृष्टि ) का लोकार्पण गुरुवार को दिल्ली स्थित भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ के सभागार में हुआ। संघ के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर राजेश ने बताया कि लोकार्पण समारोह की मुख्य अतिथि विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय सलाहकार डॉ.जगदीश कौर थी एवं समारोह की अध्यक्षता तमिलनाडु के शिक्षाविद और भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर एल.राजा ने की तथा समारोह में लोकतंत्र सेनानी महू के सुरेश खण्डेलवाल,महासचिव भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ का सानिध्य रहा। लोकार्पण समारोह के विशिष्ट अतिथि हिंदी-राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र जोशी रहे।
लोकार्पण समारोह में विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र जोशी ने भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली में आयुर्वेद की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “आयुर्वेद हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा का अमूल्य हिस्सा है। यह पुस्तक आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के बीच सेतु का कार्य करती है।“ उन्होंने पुस्तक में संकलित विषयों की व्यापकता और गहनता तथ स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर एल.राजा ने कहा कि आजीवन अधिगम और एक स्वास्थ्य पुस्तक गहन संबंध को रेखांकित करती है। इसमें मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के समन्वित दृष्टिकोण पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में यह प्रतिपादित किया गया है कि कैसे सतत शिक्षा के माध्यम से समुदायों को स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति सशक्त बनाया जा सकता है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में ’वन हेल्थ’ की अवधारणा को विस्तार से समझाया गया है तथा इसके व्यावहारिक प्रयोगों पर प्रकाश डाला गया है।
समारोह में अनेक शिक्षाविद-साहित्यकार प्रो. नसरा शबनम, विभागाध्यक्ष, प्रौढ़ शिक्षा विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, प्रो. निशाद फारुख, प्रो. शिखा कपूर, प्रो. अनिता प्रियदर्शिनी, निदेशक, इग्नू, प्रो. मृदुला सेठ, प्रो. एन.के. अंबुशात, पूर्व अध्यक्ष, एनआईओएस सहित दिल्ली विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शोधार्थी, विद्यार्थी और संस्था के आजीवन सदस्य उपस्थित थे। समारोह के समापन पर बी. संजय, शोध अधिकारी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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