

डॉ. बोथरा जैसे चिकित्सक की आज भी महती आवश्यकता
बीकानेर। जन चिकित्सक स्वर्गीय डॉ. विजय बोथरा की जयंती पर आनापान सति ध्यान कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया। समाजसेविका श्रुति बोथरा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस अभिनव आयोजन में शीलू करनाणी वं मेनका बागड़ी ने ध्यान का महत्व बताते हुए सभागार में उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं टीचर्स को ध्यान करवाया। शीलू करनाणी ने कहा कि जब तक सांस है हम शिव हैं और जब सांस का साथ नहीं रहता तो शव हो जाते हैं, इसलिए श्वास हेतु पूरे अवचेतन मन से जागरूकता की महती आवश्यकता है। गिरिराज खैरीवाल ने डॉ. विजय बोथरा के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत करते हुए उन्हें जन चिकित्सक बताया तथा कहा कि वैसे डॉक्टर आज तक दूसरा नहीं आया है जबकि उनके जैसे डॉक्टर्स की आज बहुत अधिक आवश्यकता है।
