

स्वाध्याय और सद्ध्यान से आत्मा को कर्म रहित बनाया जा सकता है
बीकानेर। पर्युषण का दूसरा दिवस स्वाध्याय दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मुनि कमल कुमार ने फरमाया कि जैसे सोने और चांदी को अग्नि स्नान से खाद रहित किया जाता है उसी प्रकार स्वाध्याय और सद्ध्यान से आत्मा को कर्म रहित बनाया जा सकता है। स्वाध्याय से एकाग्रता बढ़ती है , ज्ञान परिपक्व बनता है। ज्ञानी व्यक्ति ही औरों को ज्ञानी बना सकता है। जला हुआ एक दीपक सैकड़ों दीयों को प्रज्वलित कर देता है।
